जैसा की आप जानते हैं स्वंत्रतता के छः दशक व्यतीत हो जाने के बाद भी तमाम ग्रामीण, शहरी, अर्धशहरी, विदेशी केंद्रीय एवं राज्य परियोजनाओं के अधिकाल्पन एवं कार्यान्वयन के बावजूद भी भारत का आम जनमानव आज भी इसके लाभ से या तो अछूता है या वंचित |
परिणाम का विश्लेषण बताता है की उन तमाम परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तकनिकी एवम मानवीय उदासीनता रही है | ईमानदारी एवं उत्साह का नितांत अभाव रहा है |
यही कारण है की संकल्प की पवित्रता, लक्ष्य की उदंताता एवं कार्यान्वन की दूरदर्शिता एवं निरंतरता की प्रतिज्ञा ले कर हमने इस गैर सरकारी संगठन " दिशा ग्रामीण विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान" की स्थापना की है | हाशिये पर शुमार एवं बिखरी मानवीय शक्तियों को संग्रह करना एवं उन्हें सशक्त बनाना जिससे की वों अपने अधिकारों, कर्तव्यों को परिभाषित कर सकें एवं जीवन को उसकी सम्पूर्णता में ग्रहण कर सकें |
हम इन्ही प्रयाशों के साथ आपके सहयोग की उपेक्षा करते हैं |
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